मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विश्व प्रसिद्ध मैसूर दशहरा को सफल बनाने के लिए मंत्रियों के बीच जिम्मेदारियां बांट दी हैं। यह पहली बार है जब दशहरा उत्सव की पूरी जिम्मेदारी किसी एक व्यक्ति के बजाय कई मंत्रियों को सौंपी गई है। यह कदम राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, जहां भाजपा नेताओं ने इसे स्थानीय प्रभारी मंत्री की शक्तियों को कम करने के प्रयास के रूप में देखा है। मंत्रियों को आवंटित तिथियों पर मैसूरु जाकर दशहरा उत्सव में भाग लेने का निर्देश दिया गया है। उत्सव के अंतिम दिन, यानी 21 सितंबर को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर, मंत्री, सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य उपस्थित रहेंगे। मैसूरु जिले के प्रभारी मंत्री यतिंद्र सिद्धारमैया और कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग के मंत्री शिवराज तंगडगी मैसूरु में ही रहकर सभी दिनों के कार्यक्रमों के समन्वय और देखरेख की जिम्मेदारी संभालेंगे, जैसा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, यतिंद्र सिद्धारमैया और शिवराज तंगडगी ने दशहरा की तैयारियों को लेकर पहले ही समीक्षा बैठकें आयोजित कर ली हैं। इन बैठकों में उत्सव के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई है। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि सभी कार्यक्रम निर्धारित योजना के अनुसार हों और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। परंपरागत रूप से, दशहरा उत्सव की पूरी जिम्मेदारी केवल जिला प्रभारी मंत्री की होती थी। वे उत्सव के सभी पहलुओं की देखरेख करते थे और यह सुनिश्चित करते थे कि सब कुछ सुचारू रूप से चले। यह व्यवस्था वर्षों से चली आ रही थी और इसे प्रभावी माना जाता था। हालांकि, इस बार मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है। अब, उत्सव की जिम्मेदारी कई मंत्रियों के बीच वितरित की गई है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि हर कोई अपनी भूमिका निभाए और उत्सव की सफलता में योगदान दे।
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CM ने मैसूर दशहरा की जिम्मेदारी मंत्रियों में बांटी
8 अक्टूबर 2026 को 11:58 pm बजे

CM ने मैसूर दशहरा की जिम्मेदारी मंत्रियों में बांटी



