शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हजारों जवानों को तैनात कर विपक्षी सांसदों को बंदूक की नोक पर रोका गया
राहुल गांधी के नेतृत्व में निकले मार्च के दौरान पुलिस ने कई सांसदों को हिरासत में लिया था
राउत ने पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव कुमार ने शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न चोरों के हाथों में सौंप दिया। इसके साथ ही उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर भी निशाना साधा। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना जून 2022 में विभाजित हो गई थी। निर्वाचन आयोग ने फरवरी 2023 में शिवसेना का नाम और 'धनुष-बाण' चुनाव चिह्न एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को आवंटित किया था।
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने मंगलवार को दिल्ली में विपक्षी सांसदों को निर्वाचन आयोग से मिलने से रोके जाने को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि हजारों जवानों को तैनात कर विपक्षी सांसदों को बंदूक की नोक पर रोका गया और उन्हें हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने कथित 'वोट चोरी' के विरोध में मार्च निकाला था, लेकिन पुलिस ने कई सांसदों को हिरासत में लेकर निर्वाचन आयोग कार्यालय जाने से रोक दिया। राउत ने पूछा कि क्या निर्वाचन आयुक्त केवल प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से ही मिलेंगे। राउत ने पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार पर शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न चोरों को सौंपने का आरोप लगाया। उन्होंने महिला सांसदों के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया।





