केंद्रीय दल ने देमनी शिवारे में फसलों के नुकसान का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया
केंद्रीय दल ने आज छत्रपती संभाजीनगर जिले के देमनी शिवारे का दौरा किया और वहां खेतों में फसलों को हुए नुकसान का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। दल ने कागजों पर दर्ज आंकड़ों से परे जाकर खेतों की असलियत को समझा। उन्होंने इस इलाके के किसानों से बातचीत कर बारिश की कमी से पैदा हुई स्थिति और उनकी कठिनाइयों की जानकारी ली। यह दौरा केवल एक औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि इसने किसानों को ढांढस बंधाया। विभागीय दौरे पर आए इस केंद्रीय दल का नेतृत्व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुक्तानंद अग्रवाल ने किया। दल में महालनोबिस राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र के उपसंचालक सुनील कुमार दुबे, नीति आयोग के सलाहकार जसपाल सिंह, और पशुधन अधिकारी साक्षी भदौरिया भी शामिल थे। राज्य के कृष सचिव परिमल सिंह, जिलाधीश विनय गौडा जीसी, जिला अधीक्षक कृषी अधिकारी दीपक गवळी, और उपविभागीय अधिकारी व्यंकट राठोड सहित अन्य अधिकारी भी आज की इस पड़ताल में उपस्थित थे। किसानों की आँखों में साल भर की उम्मीदें और घर चलाने की गणित इसी फसल पर टिकी होती है। लेकिन बारिश के रूठ जाने से जब ये फसलें जल जाती हैं, तो उन हरे भरे सपनों के राख हो जाने का मंजर दिखाई देता है। देमनी के किसान विलास शिंदे ने जुताई, बुवाई, बीज, खाद और मजदूरी पर काफी खर्च किया था, लेकिन बारिश न होने से सब बर्बाद हो गया। इस भीषणता को आज केंद्रीय दल ने खेतों में जाकर प्रत्यक्ष अनुभव किया। दरअसल, प्रशासन द्वारा प्रस्तुत किए गए चार्ट और आंकड़ों में बंद दरवाजों के पीछे ही सूखे का पता चलता है। बैठकों के औपचारिकताएं भी निभाई जा सकती थीं। लेकिन सूखे की असली भयावहता किसान के मुरझाए सपनों और आँसूओं से सूखी आँखों में दिखती है। केंद्रीय दल ने खेतों में जाकर किसानों की व्यथा सुनी और उनकी वास्तविक स्थिति को समझा, जो मदद की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह समझना महत्वपूर्ण है कि जब किसान खेत में बीज बोता है, तो वह असल में अपने सपने बो रहा होता है। भूमि और बारिश उन सपनों को आकार देते हैं। लेकिन जब जमीन फट जाती है और बारिश दूर चली जाती है, तो यह फसलों और किसान के सपनों दोनों को झुलसा देता है। प्रकृति का यही प्रकोप है, जिसे आज केंद्रीय दल ने महसूस किया। राज्य की सूखे की गंभीर स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय दल पिछले कल से ही राज्य और विशेष रूप से छत्रपती संभाजीनगर संभाग में दौरा कर रहा है। दल ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। यह केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि एक वास्तविक अनुभव है, जिसका एहसास इस अवसर पर हुआ। हुए नुकसान का सही आकलन, राहत की योजना, और इसके लिए जिलाधीश से लेकर राजस्व मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर भेंट करके किसान को दिया गया ढांढस, यह सब मिलकर किसानों की मदद की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं। इन प्रयासों से किसानों को संबल मिला है। केंद्रीय दल के इस दौरे ने यह साबित किया कि किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता केवल कागजों तक सीमित नहीं है।



