कोटा विकासखंड के पटैता गांव में घोंघा मध्यम जलाशय परियोजना 49 गांवों के किसानों के लिए सिंचाई का मुख्य आधार बनी हुई है। जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना से 8,343 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिल रही है। लगभग 104.20 किलोमीटर लंबी मुख्य, शाखा और वितरक नहरों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाया जा रहा है, जिससे किसानों की मेहनत को संबल मिल रहा है। अरपा-भैंसाझार बैराज परियोजना भी किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करा रही है। इस परियोजना के सिंचाई संबंधी निर्माण कार्य वर्ष 2019 में पूर्ण हुए थे। परियोजना का जलग्रहण क्षेत्र लगभग 1,693.86 वर्ग किलोमीटर है। इसमें 56.640 किलोमीटर मुख्य नहर, 102.600 किलोमीटर वितरक नहर और 21.130 किलोमीटर शाखा नहर की व्यवस्था है। इन दोनों परियोजनाओं से खेतों की सिंचाई के साथ-साथ जल संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है। घोंघा जलाशय की जलभराव क्षमता 3 करोड़ 7 लाख घन मीटर है। यहां मत्स्य पालन से भी स्थानीय लोगों को आजीविका के अवसर मिल रहे हैं। परियोजना की कुल सिंचाई क्षमता 25 हजार हेक्टेयर है। वर्ष 2025-26 में इस परियोजना के माध्यम से 13,165 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की गई थी। इस वर्ष 2026-27 में 17,900 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4,735 हेक्टेयर अधिक है। वर्ष 1979 में शुरू हुई घोंघा परियोजना का निर्माण वर्ष 1981 में पूरा हुआ था। इन नहरों के माध्यम से कृषि भूमि तक पानी पहुंचाकर सिंचाई की जरूरतें पूरी की जा रही हैं।
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कोटा विकासखंड की घोंघा और अरपा-भैंसाझार परियोजनाएं: सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को लाभ
6 अक्टूबर 2026 को 11:56 pm बजे
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