भोपाल में कांग्रेस ने निकाला 'वोट बचाओ, देश बचाओ' पैदल मार्च, नेताओं की हिरासत के विरोध में प्रदर्शन
कांग्रेस और विपक्षी दलों ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में देश भर में 'काला दिवस' मनाया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी जिला कांग्रेस कमेटी ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' पैदल मार्च निकाला। यह मार्च शाम 4:30 बजे व्यापम चौराहे से शुरू होकर बोर्ड ऑफिस चौराहे स्थित बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचा, जहाँ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस का यह आंदोलन केवल नेताओं की हिरासत तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों से भी जुड़ा है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है, जिससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष की प्रमुख मांगों में एसआईआर से जुड़े सवालों का जवाब और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना शामिल है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में दो दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी था। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के निर्वाचन आयोग की ओर मार्च के दौरान रोके जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में धरना दिया था। लगभग आठ घंटे बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। अगले दिन, 7 अक्टूबर को भी राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया और राहुल गांधी समेत कई नेताओं को फिर से हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। सिंघार ने राहुल गांधी के नेतृत्व वाली लड़ाई को देश के आम व्यक्ति की लड़ाई बताया, जो महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के एमएसपी जैसे मुद्दों से जूझ रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। उनका कहना है कि निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रधानमंत्री को इस पर घोषणा करनी चाहिए। मुख्यमंत्री के बयान पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पलटवार करते हुए कहा कि मोहन यादव जी के पास जनादेश नहीं है, तो उन्हें जनादेश का मतलब भी पता नहीं।
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल फोटो बदलकर 'ब्लच्क दय्-8 अक्टूबर 2026' कर दी है। कांग्रेस के अनुसार, इसमें आईएनडीआईए गठबंधन के घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। मार्च शाम 4:30 बजे व्यापम चौराहे से शुरू होकर बोर्ड ऑफिस चौराहे स्थित बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा तक जाएगा। यहाँ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराएंगे।






