विधायक की शिकायत पर जांच में आठ मामले ऐसे आए
विजयपुरा में मतदाता सूची को लेकर उपजे विवाद में तीन जीवित महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया था। भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यत्नाल ने 31 अगस्त को पत्र लिखकर 1,054 मतदाताओं के नाम सूची से हटाने का अनुरोध किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने जांच की और पाया कि मृत्यु प्रमाणपत्रों में नाम समान थे, लेकिन अन्य पहचान संबंधी विवरण अलग थे। अधिकारियों के मुताबिक, आठ ऐसे मामले सामने आए जहां मृत्यु प्रमाणपत्र हमनाम लोगों के थे, जिनमें ये तीन महिलाएं भी शामिल हैं। जागरूक कर्नाटक के कार्यकर्ता एचवी वासु ने इस मामले में आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। वहीं, स्थानीय कार्यकर्ता इरफान शेख ने दावा किया है कि सूची में शामिल अन्य 1,046 मतदाता भी जीवित पाए गए हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। एक व्यक्ति की मृत्यु दावे-आपत्ति प्रक्रिया के बाद हुई थी। विजयपुरा शहर की महाबुबी पीराजादे जहांगीरदार (35), मालानबी जमादार (57) और रजिया शेख (35) बुधवार को सामने आईं।
विजयपुरा के उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के. आनंद के अनुसार, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत शिकायत की जांच नहीं की गई। इसका कारण यह था कि इस संबंध में कोई फॉर्म-7 आवेदन जमा नहीं किया गया था। विधायक की ओर से यह शिकायत केवल अपने लेटरहेड पर दी गई थी। जांच में यह बात सामने आई कि जिन आठ मतदाताओं के मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए गए थे, वे सभी हमनाम लोगों के थे। इन आठ मामलों में विजयपुरा की तीन महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। महाबुबी पीराजादे जहांगीरदार (35) ने कहा कि उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मृत देखकर बड़ा झटका लगा। उनके साथ मालानबी जमादार (57) और रजिया शेख (35) भी इस मामले में सामने आईं। तीनों ने अपने जीवित होने के प्रमाण पेश किए। जागरूक कर्नाटक से जुड़े कार्यकर्ता एचवी वासु ने इस पूरे मामले में आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। प्रमाणपत्रों में नाम समान होने के बावजूद अन्य पहचान संबंधी विवरण अलग थे।






