श्रीलंका के तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरान के 19 जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर खाने-पीने के सामान, पानी और ईंधन की भारी कमी हो गई है। अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से श्रीलंका सरकार फिलहाल इन जहाजों की मदद करने से बच रही है। सरकार को चिंता है कि ईरानी जहाजों को सहायता देने से अमेरिका के साथ उसके कारोबारी रिश्तों में मुश्किलें आ सकती हैं। श्रीलंका का कहना है कि वह किसी भी फैसले से पहले अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता थुषारा रोड्रिगो के मुताबिक, ये जहाज देश के तट से करीब 24 समुद्री मील दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में खड़े हैं। हालांकि, श्रीलंका को अमेरिका की ओर से अब तक कोई आधिकारिक चेतावनी नहीं मिली है कि ईरानी जहाजों की मदद करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने संडे टाइम्स को बताया कि ये ईरान के तेल टैंकर हैं। होर्मुज में अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा शुरू होने के बाद से दर्जनों ईरानी जहाज फंसे हुए हैं और अपने देश नहीं लौट पा रहे हैं। होर्मुज फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, जो दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों से होने वाली सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा गुजरने वाला समुद्री रास्ता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये जहाज ईरान से चीन तक तेल ले जाते थे।
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ईरानी जहाजों को मदद से बच रहा श्रीलंका
9 अक्टूबर 2026 को 10:50 pm बजे

ईरानी जहाजों को मदद से बच रहा श्रीलंका



