जाने-माने अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अगस्त को गोवा में उनके घर पर निधन हो गया। वे 5.20 बजे दुनिया को अलविदा कह गए। नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के उन विशिष्ट कलाकारों में से थे जिन्होंने अपने सशक्त अभिनय, संवाद- अभिव्यक्ति और सहज व्यक्तित्व से दर्शकों के मन में एक खास जगह बनाई। रंगमंच से अपने करियर की शुरुआत करने वाले नाना ने हिंदी और मराठी सिनेमा में अनेक यादगार भूमिकाएँ निभाईं और अभिनय को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदना व्यक्त करने का माध्यम भी बनाया। उनके निधन से कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है और कई जानी-मानी हस्तियों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। नाना पाटेकर की कलात्मक यात्रा में रंगमंच का महत्वपूर्ण स्थान रहा, जिसने उन्हें संवाद, भाव-भंगिमा और चरित्र की गहराई को समझने का अवसर दिया। यही प्रशिक्षण आगे चलकर उनके फिल्मी अभिनय की मजबूत नींव बना। दशकों तक, उनकी आवाज़, तेज़ी और साफ़ स्क्रीन प्रेजेंस ने सपोर्टिंग रोल को भी यादगार बना दिया। वे केवल अभिनेता ही नहीं, बल्कि निर्देशक और लेखक के रूप में भी अपनी रचनात्मक क्षमता का परिचय दे चुके थे। इस बहुआयामी प्रतिभा ने उन्हें भारतीय सिनेमा के विशिष्ट कलाकारों की श्रेणी में स्थापित किया। भारतीय कला और सिनेमा में नाना पाटेकर के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला। भारत सरकार की आधिकारिक पद्म पुरस्कार सूची के अनुसार, नाना गजानन पाटेकर को वर्ष 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था, कला के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान के लिए। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर सहित विभिन्न प्रतिष्ठित सम्मानों ने भी उनके अभिनय की प्रतिभा को मान्यता दी। नाना पाटेकर की पहचान केवल एक अभिनेता के रूप में सीमित नहीं थी।
समाचार
अभिनेता नाना पाटेकर का गोवा में निधन
8 अक्टूबर 2026 को 11:58 pm बजे

अभिनेता नाना पाटेकर का गोवा में निधन



