श्रीलंका की पूर्व प्रथम महिला शिरांथी राजपक्षे को वित्तीय धोखाधड़ी और गबन के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई रिश्वत और भ्रष्टाचार जांच आयोग (सीआईएबीओसी) के अधिकारियों ने बुधवार को की। जांच अधिकारियों की टीम पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के कोलंबो स्थित आवास पर पहुंची और उनकी 73 वर्षीय पत्नी शिरांथी को हिरासत में ले लिया। वह हाल ही में इलाज कराकर सिंगापुर से लौटी थीं। जांच आयोग के अनुसार, शिरांथी राजपक्षे पर आरोप है कि उन्होंने अपने गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) 'सिरिलिया सविया' के बैंक खाते के जरिए एक सरकारी बैंक से एक करोड़ श्रीलंकाई रुपये प्राप्त किए और उस रकम का दुरुपयोग किया। एजेंसियों का कहना है कि यह सार्वजनिक संपत्ति कानून और भ्रष्टाचार रोधी प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। एफसीआईडी इस संस्था के कामकाज की गहन जांच कर रहा है, जिसकी कमान शिरांथी ने अपने पति महिंदा राजपक्षे के राष्ट्रपति कार्यकाल (2005 से 2015) के दौरान संभाली थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए शिरांथी के वकीलों ने बुधवार सुबह ही अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, ताकि पुलिस की वित्तीय अपराध जांच शाखा (एफसीआईडी) उन्हें गिरफ्तार न कर सके। एफसीआईडी ने मंगलवार को ही उन्हें 13 अक्टूबर को पेश होने का निर्देश दिया था। इससे पहले जब शिरांथी सिंगापुर जा रही थीं, तब भी एयरपोर्ट पर एफसीआईडी ने उन्हें 24 सितंबर को पेश होने का नोटिस थमाया था। राजपक्षे परिवार के लिए यह नया कानूनी झटका माना जा रहा है। यह घटनाक्रम श्रीलंका के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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श्रीलंका की पूर्व प्रथम महिला गिरफ्तार
8 अक्टूबर 2026 को 12:19 am बजे



