जल जीवन मिशन में 52 लाख परिवार जुड़े
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मानसरोवर के वीटी रोड स्थित मेला ग्राउंड में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा और सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में हिस्सा लिया और उनके भाषण को सुना। इस दौरान प्रधानमंत्री ने विकसित भारत बनाने के संकल्प को दोहराया और 'वी विल डू इट' का नारा दिया, जिसे मुख्यमंत्री ने भी दोहराया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अविराम जनसेवा यात्रा के 25 गौरवशाली वर्ष पूर्ण हुए हैं। इस उपलक्ष्य में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा और सेवा ज्योति यात्रा के माध्यम से राष्ट्र एक नई ऊर्जा और संकल्प के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई दशकों का सार्वजनिक जीवन राष्ट्र-प्रथम, कठिन परिश्रम और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने की एक महान तपस्या है, जिसने राजनीति की परिभाषा बदलकर उसे सत्ता का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम बनाया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व में प्रदेश को कई ऐसी सौगातें मिल रही हैं, जिनका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में 52 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध करवाया जा चुका है, जिसमें 33,305 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय कर व्यापक पेयजल अवसंरचना का विकास किया गया है। पूर्वी राजस्थान में पेयजल एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। इससे 17 जिलों की आबादी को पेयजल, उद्योगों को जल तथा 4 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। यमुना जल के लिए इस साल 29 जून को एमओए किया गया है। किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के लिए राजस्थान समेत छह राज्यों के बीच गत 15 सितंबर को समझौता हुआ, जिससे शेखावाटी क्षेत्र को वर्षभर जल उपलब्ध हो सकेगा। नर्मदा नदी के पानी को लेकर दशकों से लंबित मामला प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच ऐतिहासिक नर्मदा समझौते से समाप्त हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके सहयोग से सरकार ने प्रदेश को जल संपन्न बनाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। प्रदेश में रोड नेटवर्क का विकास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (दिल्ली-जयपुर खंड सहित), अमृतसर-जामनगर एवं अन्य प्रमुख जयपुर-किशनगढ़-जोधपुर-पचपदरा एक्सप्रेसवे तथा बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के माध्यम से किया जा रहा है। जयपुर में यातायात के दबाव को कम करने के लिए 11,764 करोड़ रुपये की लागत से जयपुर रिंग रोड उत्तर परियोजना का कार्य भारत सरकार के सहयोग से पूरा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 13 हजार करोड़ रुपये लागत की जयपुर मेट्रो रेल परियोजना फेज-2 को स्वीकृति दी है। इसके तहत 41 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनेगा, जिसमें 36 स्टेशन होंगे। वंदे भारत एक्सप्रेस, कोच केयर कॉम्प्लेक्स और 83 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों के माध्यम से प्रदेश में रेल सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। कोटा, किशनगढ़, बाड़मेर एवं बीकानेर में हवाई संपर्क का विकास तेजी से करवाया जा रहा है। जोधपुर हवाई अड्डे में 480 करोड़ रुपये की लागत से नवीन टर्मिनल भवन का निर्माण हुआ है। इससे हवाई अड्डे की सालाना क्षमता 12 लाख से बढ़कर 20 लाख यात्रियों तक पहुंच गई है। जयपुर और कोटा के टर्मिनलों का भी विकास किया जा रहा है। पिछले पौने तीन साल में प्रदेश की ऊर्जा क्षमता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। 6 हजार मेगावॉट-घंटा की बैटरी भंडारण परियोजनाओं से विद्युत तंत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में 5 लाख से अधिक पंजीकरण किए जा चुके हैं और 3 लाख 37 हजार से अधिक रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री का नाम करोड़ों देशवासियों के लिए संकल्प की सिद्धि और गारंटी का पर्याय बन चुका है। अनुच्छेद 370 की समाप्ति से लेकर राम मंदिर निर्माण तक, राष्ट्रहित में यह सब उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से संभव कर दिखाया है।





