रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी-20 से पहले संजू सैमसन की खराब फॉर्म को लेकर भारतीय टीम चिंतित है, जहां वैभव सूर्यवंशी को मौका मिल सकता है
रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच से पहले भारतीय टीम प्रबंधन संजू सैमसन के खराब फॉर्म को लेकर चिंतित है। लखनऊ में पहले टी-20 में बड़ी जीत के बावजूद, टीम प्रबंधन सैमसन की जगह युवा वैभव सूर्यवंशी को मौका देने पर विचार कर सकता है। सूर्यवंशी के बेंच पर बैठे रहने के कारण सैमसन पर लगातार दबाव बना रहता है, और हर विफलता के बाद उनके टीम से बाहर होने का खतरा बढ़ जाता है। सैमसन ने पिछली चार पारियों में केवल 9,7,2,11 रन बनाए हैं और वह इन पारियों में एक बार भी 30 रन की साझेदारी में योगदान नहीं दे पाए हैं। यह पांच मैचों की सीरीज सैमसन के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यहां नाकाम होने पर वह फिर से टीम से बाहर हो सकते हैं। हालांकि, टीम प्रबंधन सैमसन को पूरा समर्थन दे रहा है। एशियाई खेलों में वैभव को पारी की शुरुआत की जिम्मेदारी सौंपने के बाद, सैमसन को नंबर तीन पर बल्लेबाजी का मौका मिला था। यह अलग बात है कि सैमसन हाल के दिनों में इस समर्थन का प्रतिफल नहीं दे पाए हैं। उनके लिए यह सीरीज महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां प्रदर्शन न करने पर उन्हें टीम से बाहर किया जा सकता है। दूसरी ओर, सैमसन के लिए राहत की बात यह है कि वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक मिले मौकों पर आईपीएल जैसा प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं। इससे सैमसन की जगह पर तत्काल खतरा नहीं दिख रहा है और वह इस सीरीज में आलोचकों को शांत करने का प्रयास कर सकते हैं। संजू सैमसन के अलावा, भारतीय टीम अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण में भी सुधार की उम्मीद कर रही है। पिछले मैच में मयंक यादव की काफी पिटाई हुई थी, और निश्चित रूप से वह इस मैच में अपने आंकड़े सुधारना चाहेंगे। हार्दिक पांड्या की फिटनेस को ध्यान में रखते हुए, नितीश रेड्डी, जो वनडे सीरीज में नई गेंद से ज्यादा प्रभावी नहीं दिखे थे, उन्हें टी-20 में भी इस भूमिका में आजमाया जा सकता है। अक्षर पटेल और कुलदीप यादव का स्पिन आक्रमण प्रभावी दिख रहा है; पहले मैच में दोनों ने दो-दो विकेट लेकर वेस्टइंडीज की पारी को नियंत्रित किया था। नमन धीर ने भी तीन विकेट झटक कर स्पिन विभाग की मजबूती का प्रदर्शन किया था। वेस्टइंडीज के दृष्टिकोण से देखें तो उनके पास टी-20 क्रिकेट के कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्हें एक टीम के रूप में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। जसप्रीत बुमराह के बिना खेल रही भारतीय टीम के खिलाफ 220 से कम का स्कोर बनाना यह दर्शाता है कि वे अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। निश्चित रूप से, उनकी ताकत बल्लेबाजी है, और उनकी कोशिश यही रहेगी कि रांची में भारत के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाएं। रांची की पिच पर बारिश का पूर्वानुमान है, जिससे मैच के रोमांच पर असर पड़ सकता है। रांची में होने वाले दूसरे टी-20 मैच में भारतीय टीम के लिए जीत का मतलब होगा कि वे पांच मैचों की टी-20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना लेंगे। हालांकि, अगर यह जीत संजू के बल्ले से निकले तो प्रशंसकों की खुशी दोगुनी हो जाएगी।




