प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि टैरिफ, प्रतिबंध और निर्यात रोक अब आर्थिक नीति के औजार बन चुके हैं और कभी-कभी इनका इस्तेमाल हथियार की तरह भी होता है। होर्मुज जैसे समुद्री रास्तों में रुकावट से तेल की कीमतें हजारों किलोमीटर दूर प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में भारत अपनी ऊर्जा, सप्लाई चेन और अर्थव्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए कई स्तरों पर तैयारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत अब 43 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जबकि पहले यह संख्या 27 थी।
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पीके मिश्रा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चेताया, टैरिफ को बताया हथियार
4 अक्टूबर 2026 को 12:01 am बजे



