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दिल्ली में जीएसटी परिषद की बैठक में भाग लेने आए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें फंसाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि मेरे पास इस "स्टिंग ऑपरेशन" के बारे में सारी जानकारी है। शिवकुमार ने बताया कि जब वे मुख्यमंत्री बने तो कुछ लोग उनसे मिलने आए थे और उन्होंने क्या किया, इसकी जानकारी उन्हें है। उन्होंने यह भी कहा कि इस साजिश के पीछे कौन है और कौन आर्थिक मदद कर रहा है, यह भी उन्हें पता है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वे एक जिम्मेदार पद पर हैं और बिना सबूत के बात नहीं करेंगे, उनके पास सभी गवाहियां मौजूद हैं। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके राज्य में लाखों मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं के विवरण पहले से भरे हुए फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें भाजपा के लोगों ने मतदाताओं के नाम मिटाने के लिए इस्तेमाल किया। शिवकुमार ने कहा कि फॉर्म-7 के दुरुपयोग को रोकने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फॉर्म-7 आवेदन भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में ही छापे गए थे। शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने शिकायत दर्ज कराने के बाद, भाजपा ने तुरंत कई बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से संपर्क किया और उन फॉर्मों को वापस ले लिया। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या यह अपराध नहीं है? उन्होंने कहा कि मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास तब किया गया जब इसे रोका जाना चाहिए था। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पूरी दुनिया इन घटनाओं को देख रही है और चुनाव आयोग के सदस्य भी इस मामले को उजागर कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अदालतों ने भी इन मामलों को संज्ञान में लिया है और वे उन अदालतों के आभारी हैं जिन्होंने उचित निर्देश दिए। शिवकुमार ने कहा कि राहुल गांधी देश में अच्छा काम कर रहे हैं और लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश भर में जो भी घटनाएँ हुई हैं, वे पहले ही सार्वजनिक हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री बने, तो कुछ लोग उन्हें फंसाने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि अगर फोटो चाहिए तो वह दे सकते हैं, और वे जानते हैं कि चर्चा के बहाने आकर क्या-क्या किया गया। उन्होंने कहा कि इस पूरी साजिश के पीछे कौन है, इसका भी उन्हें पता है। शिवकुमार ने यह भी बताया कि इस मामले में कौन आर्थिक मदद कर रहा है, इसकी भी जानकारी उनके पास है। उन्होंने कहा कि वे एक जिम्मेदार पद पर हैं, इसलिए वे सिर्फ बातें नहीं करेंगे, बल्कि उनके पास सभी गवाहियां मौजूद हैं। शिवकुमार ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अल्पसंख्यकों के वोटों को बड़ी संख्या में हटाने के लिए, मतदाताओं के विवरण पहले से भरे हुए फॉर्म-7 को छापकर इस्तेमाल किया। शिवकुमार ने कहा कि आज वे दिल्ली में जीएसटी परिषद की बैठक में भाग लेने आए हैं और आज कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि देश भर में जो भी घटनाएं हुई हैं, वे पहले ही सामने आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के सदस्यों ने भी इस बात को उजागर किया है और अदालतों ने भी इसे संज्ञान में लिया है। शिवकुमार ने उन अदालतों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस मामले में उचित निर्देश दिए।
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