सोमवार दोपहर अचानक मौसम बदला, तेज हवाओं संग मूसलाधार बारिश से शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई
सोमवार सुबह तक बेंगलुरु में धूप खिली थी, लेकिन दोपहर होते-होते अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। दोपहर 3 बजे के करीब तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई, जिससे शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई। खासकर उत्तरी और केंद्रीय बेंगलुरु के प्रमुख इलाकों जैसे एमजी रोड, कैबन रोड, हल्लसूर, इंदिरा नगर, केआर पुरम, हेब्बल, जक्कूर, टीसी पाल्यम, बाईयप्पनहल्ली, शिवाजी नगर, गांधी नगर और विधान सौध के आसपास के क्षेत्रों में बारिश का जोर अधिक रहा। कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया, जिससे निचले इलाकों में सड़कों का हाल नदियों जैसा हो गया। बारिश के कारण शहर की सड़कों पर जलजमाव की स्थिति गंभीर हो गई। विशेष रूप से शिवानंद सर्किल, एमजी रोड के आसपास और हल्लसूर के कई हिस्सों में पानी इस कदर भर गया कि यात्रियों को सड़क पार करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक भी पानी भरे रास्तों से गुजरने में संघर्ष करते नजर आए। अचानक आई इस आफत ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देरी हुई। इस दौरान, तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने कई जगहों पर पेड़ों को भी गिरा दिया, जिससे सड़कों पर अवरोध पैदा हो गया और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। बेंगलुरु में पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं हो रही थी, केवल हल्की बूंदाबांदी हो रही थी, लेकिन सोमवार की दोपहर की बारिश ने सब कुछ बदल दिया। इस अचानक आए मौसम परिवर्तन ने निवासियों को आश्चर्यचकित कर दिया, क्योंकि किसी को भी इतनी तेज बारिश की उम्मीद नहीं थी। विभाग का अनुमान है कि इसके बाद बारिश की तीव्रता में कमी आएगी। यह अलर्ट निवासियों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने का संकेत देता है। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर, प्रशासन ने जलभराव और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं से निपटने के लिए कमर कस ली है। नागरिक निकाय सक्रिय हो गए हैं और संभावित समस्याओं से निपटने के लिए तैयार हैं। निवासियों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और यदि आवश्यक हो तो सावधानी बरतें।




