नई दिल्ली में गांधी जयंती और स्वच्छ भारत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री तोखन साहू ने दिया संदेश
नई दिल्ली स्थित संकल्प भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने एक कार्यक्रम में भाग लिया। इस आयोजन में उन्होंने मंत्रालय की स्वच्छ भारत मिशन टीम के साथ मिलकर रंगोली बनाने की गतिविधि में हिस्सा लिया, जिसके माध्यम से स्वच्छता, सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। मंत्री साहू ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए व्यक्तिगत प्रयासों के साथ-साथ सामूहिक संकल्प को भी मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है, और इस संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से देशव्यापी अभियान का स्वरूप मिला है। तोखन साहू ने आगे कहा कि गांधी ने स्वच्छता की दृष्टि की नींव रखी थी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में शुरू हुए स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से आधुनिक तकनीक, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता अवसंरचना के साथ व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया। उन्होंने 'स्वच्छता ही सेवा' जैसे अभियानों के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि ऐसे प्रयास नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करते हैं और स्वच्छता से जुड़े प्रयासों का सकारात्मक असर सार्वजनिक स्वास्थ्य, गरिमा और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के रूप में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। विशेष रूप से, उन्होंने महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित स्वच्छता सुविधाओं के महत्व पर प्रकाश डाला, जो उनके स्वास्थ्य और सम्मान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मंत्री साहू ने नागरिकों से स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत दिवस समारोह का उद्देश्य स्वच्छता को एक साझा जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करना है, ताकि स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में जनभागीदारी को और मजबूत किया जा सके। इस कार्यक्रम में महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों को वर्तमान समय में अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। गांधी ऐसे भारत की कल्पना करते थे जहाँ राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक सुधार और स्वच्छता को भी समान महत्व मिले। गांधी ने स्वच्छता को न केवल आत्मनिर्भरता से जोड़ा, बल्कि इसे मानवीय गरिमा का प्रतीक भी माना। उन्होंने स्वयं स्वच्छता कार्य करके समाज को प्रेरित किया कि कैसे व्यक्तिगत आचरण से बड़े सामाजिक बदलाव लाए जा सकते हैं। आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने इस बात पर बल दिया कि स्वच्छ भारत मिशन को जनभागीदारी से एक नई गति मिली है, जो दर्शाता है कि जब नागरिक सामूहिक रूप से आगे आते हैं तो बड़े लक्ष्य प्राप्त करना संभव हो जाता है। कार्यक्रम के दौरान, संकल्प भवन में मंत्रालय की टीम के साथ मिलकर 'स्वच्छता ही सेवा' जैसे अभियानों की भूमिका को रेखांकित करते हुए रंगोली निर्माण गतिविधि का आयोजन किया गया। इस गतिविधि के माध्यम से स्वच्छता, सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश प्रभावी ढंग से संप्रेषित किया गया। इस तरह के प्रयास नागरिकों को सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और स्वच्छता को एक जन आंदोलन का रूप देते हैं। स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री साहू ने कहा कि स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने महात्मा गांधी के उन विचारों को याद किया, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्वच्छता को सामाजिक सुधार के एक महत्वपूर्ण पहलू के रूप में देखा था।



