बेंगलुरु में कर्नाटक पैरेंट्स एसोसिएशन ऑफ सिटिजन्स विद इंटेलेक्चुअल डेवलपमेंटल डिसएबिलिटीज़ (केपीएसीआईडीडी) ने शनिवार को जयनगर स्थित मानंदि संस्कृत सदन में अपना वार्षिक दीक्षांत समारोह और मैथियास मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में संस्था द्वारा संचालित एक और दो वर्षीय डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। ये प्रशिक्षु विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और वयस्कों के साथ कार्य करने के लिए विशेष शिक्षक (स्पेचिअल एदुचतोर्स) के रूप में अपनी सेवाएँ देने के लिए तैयार हो गए हैं। केपीएसीआईडीडी पिछले 46 वर्षों से बौद्धिक और विकासात्मक दिव्यांगता वाले बच्चों, वयस्कों और उनके परिवारों के लिए काम कर रही है। संस्था का मुख्य उद्देश्य विशेष बच्चों को शिक्षा, प्रशिक्षण, देखभाल, आवश्यक मार्गदर्शन और आत्मनिर्भर जीवन के अवसर प्रदान करना है। साथ ही, यह संस्था अभिभावकों को परामर्श, मार्गदर्शन और जागरूकता के माध्यम से सहायता भी देती है। विशेष शिक्षकों की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, केपीएसीआईडीडी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करती है ताकि प्रशिक्षित शिक्षक विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा, विकास और पुनर्वास में प्रभावी भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एम। थॉमस किशोर, जो एनआईएमएचएएनएस, बेंगलुरु में क्लिनिकल साइकोलॉजी के प्रोफेसर और कंसल्टेंट क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, चाइल्ड एंड एडोलेसेंट मेंटल हेल्थ तथा पेरिनटल साइकियाट्री के विशेषज्ञ हैं, ने विशेष शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्राप्त किया गया प्रमाण-पत्र केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि आने वाले समय में अनेक विशेष बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन बच्चों में भी अनेक क्षमताएँ होती हैं और उन्हें सही शिक्षा, प्रशिक्षण, वातावरण एवं अवसर उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में संजय जलान, CMडी, इंडिया गोल्ड टीएमटी, बेंगलुरु; हाथीमल बैद, प्रेसिडेंट, फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल सोसाइटी, बेंगलुरु चैप्टर; और सचिन पांडिया, प्रेसिडेंट, राजस्थान फाउंडेशन – बेंगलुरु चैप्टर उपस्थित रहे। संजय जलान ने अपने संबोधन में समाज से आगे आने की अपील करते हुए कहा कि विशेष बच्चों के लिए कार्य करना केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने केपीएसीआईडीडी द्वारा पिछले 48 वर्षों से किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की और कहा कि विशेष बच्चों के माता-पिता के संघर्ष को समझना और उनके साथ खड़ा होना समाज का दायित्व है। संजय जलान ने उद्योग जगत, सामाजिक संस्थाओं एवं सक्षम नागरिकों से ऐसे सेवा कार्यों में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष शिक्षकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। केवल शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों में दैनिक जीवन के कौशल, आत्मविश्वास, सामाजिक सहभागिता और आत्मनिर्भरता विकसित करना भी आवश्यक है। इस अवसर पर वक्ताओं ने भी इस बात पर सहमति जताई कि विशेष बच्चों के जीवन में विशेष शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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केपीएसीआईडीडी ने विशेष शिक्षकों को बांटे प्रमाण-पत्र, समाज से सहयोग की अपील
4 अक्टूबर 2026 को 12:00 am बजे

केपीएसीआईडीडी ने विशेष शिक्षकों को बांटे प्रमाण-पत्र, समाज से सहयोग की अपील
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