सरकारी योजना के सहारे मदन पंजाबी बने सफल उद्यमी, युवाओं को दे रहे रोजगार
हरियाणा के सिरसा से टिमरनी आए गुरचरण लाल उर्फ मदन पंजाबी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की मदद से अपनी किस्मत बदल ली। दसवीं कक्षा तक पढ़े मदन ने 1995 से 2016 तक कृष्णा इंजीनियरिंग वर्क्स में काम किया। सीमित वेतन में परिवार का पालन-पोषण करते हुए उनके मन में खुद का व्यवसाय शुरू करने की इच्छा पलती रही। अपना काम शुरू करने के इरादे से उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंधक से ऋण के संबंध में बात की, लेकिन शुरुआती निराशा के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने हुनर पर भरोसा रखा। एक दिन बैंक प्रबंधक की कार खराब हो गई, जिसकी मरम्मत का खर्च मैकेनिक ने करीब 40 हजार रुपये बताया। मदन पंजाबी ने उस कार की खराबी देखी और उसे ठीक करने की जिम्मेदारी ली। उन्होंने अपनी तकनीकी कुशलता से कार को महज एक हजार रुपये में ठीक कर दिया। बैंक प्रबंधक मदन के काम से इतने प्रभावित हुए कि उन्हें उनकी तकनीकी क्षमता और लगन पर भरोसा हो गया। इसके बाद प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मदन पंजाबी की पत्नी के नाम 25 लाख रुपये का ऋण 35% सब्सिडी के साथ स्वीकृत हुआ। इस राशि से उन्होंने वेल्डिंग, कटिंग, प्रेस जैसी आवश्यक मशीनें खरीदीं और श्रीकृष्ण इंजीनियरिंग वर्क्स की शुरुआत की। मदन पंजाबी का उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं था, बल्कि किसानों की समस्याओं का समाधान करने वाले कृषि उपकरण तैयार करना भी था। इसी सोच के साथ उन्होंने लैंड लेवलर मशीन तैयार की, जो खेतों को समतल करने के साथ-साथ फसल कटाई के बाद खेत में बची नरवाई को चूर-चूर करने में भी बहुत उपयोगी है।




