राष्ट्र निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले अशोक सिंघल का व्यक्तित्व बहुआयामी था। वे एक निष्काम कर्मयोगी थे, जिन्होंने व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। विद्यार्थी जीवन में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने के बाद, उन्होंने पूज्य गुरुजी, प्रो. राजेंद्र सिंह 'रज्जू भैया' और भाऊराव देवरस जैसे दिग्गजों के मार्गदर्शन में अपने व्यक्तित्व को संवारा। इंजीनियरिंग की शिक्षा पूर्ण करते ही वे संघ के प्रचारक बन गए और उन्हें मिले हर दायित्व को पूरी निष्ठा और परिश्रम से निभाया। दिल्ली प्रांत के प्रांत प्रचारक रहते हुए मीनाक्षीपुरम की मतांतरण की घटना ने उन्हें समाज में व्यापक जागरण की आवश्यकता का अहसास कराया। इस चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन के सफल आयोजन ने उनकी अद्भुत संगठन क्षमता को प्रदर्शित किया।
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अशोक सिंघल: राष्ट्रसेवा को समर्पित निष्काम कर्मयोगी
5 अक्टूबर 2026 को 1:16 am बजे



