युवा गोल्फर शौर्य भट्टाचार्य ने विश्व समुद्र प्रेजेंट्स कपिल देव इनविटेशनल टूर चैंपियनशिप पावर्ड बाय नालको के पहले दौर में छह-अंडर 66 का स्कोर बनाकर दो शॉट की स्पष्ट बढ़त हासिल कर ली है। ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रीन्स गोल्फ एंड स्पा रिजॉर्ट में चल रही इस प्रतियोगिता में भट्टाचार्य ने सात बर्डी लगाईं, जबकि पार-4 आठवें होल पर उन्हें दिन की एकमात्र बोगी का सामना करना पड़ा। शुरुआती दोनों होल पर बर्डी के साथ उन्होंने तेजी से लय हासिल की और इसके बाद सटीक अप्रोच शॉट तथा धैर्यपूर्ण कोर्स प्रबंधन के दम पर बढ़त कायम रखी। दो करोड़ रुपये की इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट में 23 वर्षीय भट्टाचार्य ने पहले दौर में शानदार प्रदर्शन किया। अप्रैल में बोल्डर्स क्लासिक का खिताब जीतकर शुभांकर ने पेशेवर स्तर पर आठ साल का खिताबी इंतजार समाप्त किया था। इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन भी उम्मीदों के अनुरूप रहा है, हालांकि वह पहले दौर में भट्टाचार्य से पीछे रह गए। बांग्लादेश के जमाल हुसैन, गुरुग्राम के ध्रुव श्योराण और बेंगलुरु के मनोज एस दो-अंडर 70 के स्कोर के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर रहे। इन खिलाड़ियों ने भी अपनी छाप छोड़ी है, लेकिन शीर्ष पर चल रहे भट्टाचार्य से वे तीन शॉट पीछे हैं। इन सभी ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है और आने वाले दिनों में वे अपनी स्थिति सुधार सकते हैं। वहीं, रेस टू डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में शीर्ष पर चल रहे सप्तक तलवार ने तीन-ओवर 75 का कार्ड खेला और संयुक्त 36वें स्थान पर रहे। यह उनके लिए एक निराशाजनक शुरुआत रही, क्योंकि वह इस चैंपियनशिप में अच्छी लय में चल रहे थे। 75 का स्कोर उन्हें प्रतियोगिता में काफी पीछे धकेल देता है। प्रो-एम प्रारूप में आयोजित इस प्रतियोगिता में पेशेवर खिलाड़ियों के साथ एमेच्योर गोल्फर भी भाग ले रहे हैं। यह प्रारूप खिलाड़ियों को एक अलग तरह का अनुभव प्रदान करता है। लंबे खेल कार्यक्रम के कारण कुछ खिलाड़ियों को फ्लड़लाइट में भी खेलना पड़ा, जिससे खेल की गति और खिलाड़ियों की एकाग्रता पर असर पड़ सकता है। भट्टाचार्य ने कहा कि शुरुआती दो बर्डी ने उन्हें आत्मविश्वास दिया। उन्होंने पूरे दौर में अगले शॉट पर ध्यान केंद्रित रखने और परिस्थितियों के अनुरूप शांत रहने को अपनी रणनीति का हिस्सा बताया। भट्टाचार्य ने बताया कि कुछ सप्ताह पहले इसी कोर्स पर ऐसी परिस्थितियों में खेलने का अनुभव उन्हें इस बार काफी काम आया। यह अनुभव उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है। हालांकि, प्रतियोगिता का पहला दौर समाप्त हो गया है, लेकिन अभी भी कई दौर बाकी हैं। भट्टाचार्य ने पहले दौर में छह-अंडर 66 का कार्ड खेला, जो एक प्रभावशाली प्रदर्शन है। शुभांकर शर्मा दूसरे स्थान पर हैं, जो एक मजबूत दावेदार हैं। यह प्रतियोगिता 7 अक्टूबर 2026 को जारी रहेगी। प्रो-एम प्रतियोगिता में भी शौर्य भट्टाचार्य की टीम का दबदबा रहा। पेशेवर शौर्य भट्टाचार्य और एमेच्योर हमीदी की टीम ने 44 स्टेबलफोर्ड अंक हासिल कर काउंटबैक के आधार पर जीत दर्ज की। यह जीत उनकी टीम के सामंजस्य और व्यक्तिगत प्रदर्शन का प्रमाण है। डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई पर तीन खिताब जीत चुके भट्टाचार्य इस सत्र में एक और खिताब के करीब पहुंच चुके हैं। उन्होंने फरवरी में डीपी वर्ल्ड प्लेयर्स चैंपियनशिप 2026 और अगस्त में कोलार ओपन 2026 में संयुक्त उपविजेता स्थान हासिल किया था। इन उपलब्धियों ने उन्हें एक अनुभवी खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है। भट्टाचार्य ने बताया कि उन्हें इस कोर्स पर खेलने का अनुभव है, जो उन्हें फायदा पहुंचाता है। पिछले कुछ हफ्तों में उन्होंने इसी कोर्स पर अभ्यास किया था और उस अनुभव का लाभ उन्हें पहले दौर में मिला। यह अनुभव उन्हें खेल के दौरान निर्णय लेने में मदद करता है। प्रतियोगिता में 23 वर्षीय भट्टाचार्य ने सात बर्डी लगाईं, जो उनके आक्रामक खेल का संकेत देता है। पार-4 आठवें होल पर लगी एकमात्र बोगी को छोड़कर, उनका प्रदर्शन लगभग त्रुटिहीन था। यह दर्शाता है कि उन्होंने अपनी लय को अच्छी तरह से बनाए रखा। शुरुआती दोनों होल पर बर्डी के साथ उन्होंने तेजी से लय हासिल की। इसके बाद, उन्होंने सटीक अप्रोच शॉट और धैर्यपूर्ण कोर्स प्रबंधन के दम पर अपनी बढ़त कायम रखी। यह रणनीति उन्हें दबाव में भी अच्छा खेलने में मदद करती है। यह राशि खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है। टूर्नामेंट का यह स्तर खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा को और बढ़ाता है। यह स्कोर उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा।
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शौर्य भट्टाचार्य की शानदार शुरुआत, कपिल देव इनविटेशनल में दो शॉट की बढ़त
8 अक्टूबर 2026 को 12:19 am बजे

शौर्य भट्टाचार्य की शानदार शुरुआत, कपिल देव इनविटेशनल में दो शॉट की बढ़त
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