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नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने मंगलवार से अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अतिरिक्त ईंधन शुल्क (फ्यूल सरचार्ज) बढ़ाने का ऐलान किया है। यह बढ़ोतरी एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी जेट फ्यूल की कीमतों में हुई वृद्धि के कारण की गई है। नई कीमतें 6 अक्टूबर की रात 12:01 बजे से लागू हो गई हैं। इस फैसले से यात्रियों को घरेलू उड़ानों के लिए 1300 रुपये तक और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 10,000 रुपये तक अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। एयरलाइन के अनुसार, यह कदम जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों के चलते उठाया गया है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने भी पुष्टि की है कि पिछले 10 साल में फ्यूल की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल परिचालन खर्च का एक बड़ा हिस्सा होता है, जो कुल खर्च का 30 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक हो सकता है। तेल की कीमतों में अचानक आए इस उतार-चढ़ाव ने एयरलाइनों के बजट को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस साल यह तीसरी बार है जब इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है। इससे पहले, एयरलाइन ने 14 मार्च और फिर 1 अप्रैल में भी किराए में वृद्धि की थी। तेल की कीमतों में आई इस अप्रत्याशित वृद्धि ने एयरलाइनों के वित्तीय अनुमानों को भी प्रभावित किया है, जिसके चलते कई एयरलाइनों ने अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों को वापस ले लिया है। इंडिगो का यह कदम वैश्विक एयरलाइन उद्योग के रुझान के अनुरूप है। एयर न्यूजीलैंड और क्वांटास जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने भी संकेत दिया है कि वे बढ़े हुए परिचालन खर्च का बोझ यात्रियों पर डालने के लिए मजबूर होंगी। यह स्थिति यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक महंगा बना सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो अक्सर हवाई यात्रा करते हैं। जेट फ्यूल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर एयरलाइनों के मुनाफे पर पड़ता है।
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