ठंड में रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने से हृदय पर दबाव बढ़ सकता है
बुढलाडा (मानसा) डॉक्टरों ने सर्दियों के दौरान हृदय स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि ठंड के मौसम में शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप में वृद्धि होती है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। कृष्ण लाल के अनुसार, ऐसे मौसम में अचानक अत्यधिक ठंड में भारी व्यायाम करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, शरीर को पर्याप्त रूप से गर्म रखना और धीरे-धीरे शारीरिक गतिविधियों को शुरू करना महत्वपूर्ण है। जो लोग नियमित रूप से व्यायाम नहीं करते हैं, उनमें थोड़ी सी सीढ़ियाँ चढ़ने पर भी हृदय गति काफी बढ़ सकती है। सीढ़ियाँ चढ़ते समय दिल की धड़कन का तेज होना सामान्यतः शरीर की स्वाभाविक प्रतिक्रिया मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शारीरिक गतिविधि बढ़ने पर मांसपेशियों को अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, जिसे पूरा करने के लिए हृदय को तेजी से रक्त पंप करना पड़ता है। सामान्य परिस्थितियों में, कुछ मिनट आराम करने के बाद हृदय गति का धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटना शरीर की बेहतर हार्ट रेट रिकवरी का संकेत माना जाता है। हालांकि, यदि तेज धड़कन के साथ सीने में दर्द या भारीपन महसूस हो, अत्यधिक सांस फूलने लगे, चक्कर आए या बेहोशी जैसा लगे, और आराम करने के बावजूद हृदय गति सामान्य न हो, तो इसे एक गंभीर चेतावनी समझना चाहिए। लाल इस बात पर जोर देते हैं कि ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर लक्षणों की पहचान और चिकित्सकीय सलाह ही हृदय की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी कुंजी है। विशेष रूप से, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या जिनके परिवार में हृदय रोग का इतिहास रहा हो, ऐसे व्यक्तियों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। कृष्ण लाल ने सलाह दी है कि इन व्यक्तियों को अपने चिकित्सक की सलाह के अनुसार नियमित रूप से अपनी स्वास्थ्य जांच कराते रहना चाहिए। यह निरंतर निगरानी उन्हें संभावित खतरों से बचाने में मदद कर सकती है। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि अत्यधिक ठंड में अचानक भारी व्यायाम करने के बजाय शरीर को पर्याप्त गर्म रखना और धीरे-धीरे शारीरिक गतिविधि शुरू करना हृदय स्वास्थ्य के लिए अधिक सुरक्षित है। इसके लिए कई उपाय सुझाए गए हैं। परतदार गर्म कपड़े पहनना, जिससे शरीर का तापमान बना रहे, हृदय स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी है। साथ ही, शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी महत्वपूर्ण है। नियमित रूप से हल्की कसरत करना भी हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। कृष्ण लाल ने हृदय स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अपने आहार में मौसमी फलों, हरी सब्जियों, दालों और मेवों को शामिल करने की सलाह दी।




