पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का लॉन्ग मार्च पांचवें दिन भी जारी है, जिसने शहबाज शरीफ सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस्लामाबाद की ओर बढ़ता यह विशाल काफिला जहां एक ओर सरकार पर दबाव बना रहा है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में भी बुनियादी अधिकारों को लेकर तेज हुए आंदोलन ने सरकार के लिए दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है। पीटीआई इस आंदोलन को अपने राजनीतिक और संवैधानिक अधिकारों के लिए एक निर्णायक लड़ाई बता रही है। दूसरी ओर, शहबाज शरीफ सरकार इसे अराजकता फैलाने और ब्लैकमेल करने की कोशिश करार दे रही है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने साफ चेतावनी दी है कि इमरान खान को किसी भी तरह की राहत नहीं दी जाएगी, भले ही मार्च का कितना भी दबाव क्यों न हो। उन्होंने पीटीआई पर सरकार को ब्लैकमेल करने और हर दो-तीन महीने में इस्लामाबाद पर चढ़ाई जैसा माहौल बनाने का आरोप लगाया। आसिफ ने इससे भी गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पीटीआई प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) जैसे आतंकवादी संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही है। ख्वाजा आसिफ ने खैबर पख्तूनख्वा के कई जिलों में आतंकवादियों के खुलेआम घूमने और राज्य सरकार की निष्क्रियता का जिक्र करते हुए पीटीआई से आतंकवादियों का समर्थन और उनकी फंडिंग रोकने की अपील की। इस लॉन्ग मार्च की अगुवाई खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी कर रहे हैं। पेशावर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अफरीदी ने इस आंदोलन की तुलना क्रिकेट मैचों से की। उन्होंने कहा कि अभी यह आंदोलन शुरुआती टेस्ट मैच के चरण में है, इसलिए कार्यकर्ताओं को धैर्य रखना चाहिए। उनके मुताबिक, इसके बाद एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ओडीआई), फिर टी20 और अंत में टी 10 जैसे चरण आएंगे। अफरीदी का दावा है कि पीटीआई अपनी संवैधानिक मांगों को लेकर सभी राजनीतिक और कानूनी रास्ते आजमा चुकी है, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की सातों मांगें संविधान के दायरे में हैं और अगले राजनीतिक कदम की घोषणा चरसद्दा में की जाएगी।
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इमरान खान की रिहाई की मांग पर पीटीआई का लॉन्ग मार्च जारी, सरकार को दोहरी चुनौती
9 अक्टूबर 2026 को 10:50 pm बजे



