परिवहन योजना के लिए आईटीएलए को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण (आईटीएलए) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष संस्था राज्य और केंद्र सरकारों को देश के लिए एक एकीकृत परिवहन योजना ढांचा स्थापित करने के लिए एक साथ लाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि यह कदम भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्राधिकरण भारत में परिवहन अवसंरचना विकास की दक्षता, स्थिरता और प्रभावशीलता को बढ़ाएगा। आईटीएलए का मुख्य उद्देश्य परिवहन और लॉजिस्टिक्स के व्यापक डोमेन के भीतर अनुसंधान, योजना, मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को मजबूत करना होगा। यह संस्था विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों में फैले योजना और कार्यान्वयन की पुरानी चुनौतियों का समाधान करेगी। प्राधिकरण 10, 15 या 30 वर्षों तक की दीर्घकालिक मास्टर योजनाएं तैयार करने के लिए जिम्मेदार होगा, जो एक रणनीतिक दृष्टिकोण प्रदान करेंगी। यह संस्था विभिन्न स्रोतों से प्रासंगिक परिवहन और लॉजिस्टिक्स डेटासेट प्राप्त करके एक एकीकृत परिवहन डेटा रिपॉजिटरी का निर्माण करेगी। इसमें जीएसटीएन ई-वे बिल, फास्टैग, वाहन, जीपीएस-आधारित सिस्टम, शहरी यातायात प्रबंधन प्रणाली और अन्य डेटाबेस शामिल होंगे। इस डेटा का उपयोग योजना, निगरानी और प्रभाव आकलन के लिए डेटा विश्लेषण (जैसे माल प्रवाह/ओ-डी विश्लेषण) करने में किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) की स्थापना को मंजूरी दी गई। यह प्राधिकरण सभी प्रमुख अवसंरचना मंत्रालयों और क्षेत्रों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।




