गायक ने कहा कि 2019 में धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए प्रदर्शन करना उनकी प्राथमिकता थी
गायक मीका सिंह ने हाल ही में पाकिस्तान में अपने प्रदर्शन को लेकर हुई टिप्पणियों पर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि 2019 में पाकिस्तान जाने का उनका मुख्य उद्देश्य वहां के महत्वपूर्ण गुरुद्वारों के दर्शन करना था, न कि सिर्फ पैसे कमाना। मीका सिंह ने कहा, 'मेरे लिए यह पैसे की बात नहीं थी। सबसे पहली बात यही थी कि वहां परफॉर्म करके मैं इन गुरुद्वारों तक पहुंच सकता था। ' उन्होंने विशेष रूप से गुरुद्वारा ननकाना साहिब और गुरुद्वारा पंजा साहिब का उल्लेख किया, जो पाकिस्तान में स्थित हैं। मीका के अनुसार, निजी समारोहों में प्रस्तुति देना और पैसे लेकर भारत लौट आना एक अलग बात है, लेकिन जब आप वहां जाते हैं, तो छुप नहीं रहे होते। हवाई जहाज से यात्रा करते समय पूरी दुनिया इसे देख सकती है, जिससे यह मामला सार्वजनिक हो जाता है। मीका सिंह ने एक पॉडकास्ट के दौरान अपनी पाकिस्तान यात्रा की यादों को ताजा करते हुए यह स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तानी और दुबई के लोगों के बारे में उनकी धारणाओं पर कई टिप्पणियां की गईं, लेकिन उन्होंने अपने इरादों को साफ किया। गायक का मानना है कि धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए प्रदर्शन करना एक जायज जरिया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पाकिस्तानी गायकों से कोई समस्या नहीं है और जब वे भारत आते हैं तो उनका भरपूर स्वागत किया जाता है, बॉलीवुड भी उनका समर्थन करता है। यह बयान तब आया है जब मीका सिंह ने हाल ही में गायक दिलजीत दोसांझ पर भी टिप्पणी की थी। मीका ने कहा था कि दिलजीत ने 'बॉर्डर 2' फिल्म का प्रमोशन सनी देओल के साथ मिलकर उतना नहीं किया, जितना उन्हें करना चाहिए था। उन्होंने दिलजीत पर पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर के साथ अपनी फिल्म का प्रमोशन करने का आरोप लगाया, जबकि 'बॉर्डर 2' जैसी महत्वपूर्ण फिल्म के बारे में उन्होंने ज्यादा बात नहीं की। मीका के अनुसार, सनी देओल जैसे दिग्गज कलाकार के साथ काम करने का मौका मिलना बहुत बड़ी बात है और इसका उचित प्रचार होना चाहिए। मीका सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि उनका पाकिस्तान जाना किसी राजनीतिक बयानबाजी या प्रचार का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर आप किसी निजी समारोह के लिए वहां जाते हैं, प्रस्तुति देते हैं, पैसे लेकर भारत वापस आ जाते हैं तो यह एक अलग बात है। लेकिन वहां जाकर आप छुप नहीं रहे होते, बल्कि आपकी यात्रा सार्वजनिक होती है।




