बिजली, पानी कनेक्शन काटकर सील होंगे अनधिकृत पीजी
बेंगलुरु में हजारों की संख्या में चल रहे अनधिकृत पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों पर ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) ने सख्त कार्रवाई का मन बना लिया है। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद, जीबीए अब ऐसे पीजी के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने और उन्हें सील करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। यह कदम उन पीजी मालिकों के लिए एक बड़ा झटका है जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। जीबीए ने बेंगलुरु के पूर्वी इलाकों में एक सर्वेक्षण किया, जिसमें 5,000 पीजी पाए गए। इनमें से 2,500 पीजी अनधिकृत रूप से संचालित हो रहे थे। यह खुलासा व्हाइटफील्ड, महादेवपुरा, केआर पुरम, इंदिरा नगर और सीवी रामन नगर जैसे इलाकों में हुआ, जहां आईटी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की मौजूदगी के कारण पीजी की संख्या काफी अधिक है। जांच में यह भी सामने आया कि कई पीजी आवश्यक व्यापार लाइसेंस, स्वीकृत भवन योजना और अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना चल रहे थे। कुछ पीजी तो जोन नियमों और भवन उप-नियमों का भी उल्लंघन कर रहे थे। इन उल्लंघनों के कारण जीबीए ने इन पर कार्रवाई करने का फैसला किया है। जीबीए की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि पीजी मालिकों को नोटिस जारी किया जा रहा है। इन नोटिसों में नियमों का उल्लंघन सुधारने के लिए कहा गया है। यदि मालिक निर्धारित समय सीमा के भीतर इन उल्लंघनों को ठीक नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने जीबीए को निर्देश दिया है कि भवन खाली कराने की प्रक्रिया में निवासियों को पर्याप्त समय दिया जाए। जीबीए इस समय-सीमा का पालन करेगा।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया था कि लाइसेंस देने की प्रक्रिया को केवल एक बार की गतिविधि न माना जाए, बल्कि जोखिम के स्तर के आधार पर पीजी का निरंतर मूल्यांकन किया जाए। अदालत ने शहर के सभी पीजी की जानकारी वाला एक डिजिटल डेटाबेस बनाने का भी सुझाव दिया था। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पीजी नियमों का पालन करें और सुरक्षित हों। इस निर्देश का पालन न करने वाले अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा। कुछ पीजी मालिकों और पेइंग गेस्ट ऑनर्स एसोसिएशन ने जीबीए द्वारा जारी नोटिस को चुनौती देते हुए अदालत में याचिकाएं दायर की हैं। अदालत इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है और जीबीए की कार्रवाई पर नजर रखे हुए है। अदालत ने जीबीए को यह भी निर्देश दिया था कि वह यह सुनिश्चित करे कि पीजी मालिक एकतरफा स्थगन आदेश प्राप्त न कर सकें। इसके लिए, जीबीए को उच्च न्यायालय और संबंधित सिविल अदालतों में कैविएट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। जीबीए ने अदालत को आश्वासन दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले पीजी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें बिजली और पानी के कनेक्शन काटना और परिसर को सील करना शामिल है। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। यह कार्रवाई लगभग 50% पीजी के अनधिकृत होने की रिपोर्ट के बाद की जा रही है।





