रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त कराने के प्रयास में भारत ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजनैतिक सूत्रों के अनुसार, भारत ने यूक्रेन को तीन सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव सौंपा है, जिसका उद्देश्य संघर्ष को कम करना है। यह प्रस्ताव विदेश मंत्री एस। जयशंकर की हालिया यात्रा और राजनैतिक वार्ता का हिस्सा है। यह प्रस्ताव युद्ध को पांचवें वर्ष में प्रवेश करते देख, संघर्ष को कम करने में भारत की भूमिका को और बढ़ाने की दिशा में एक प्रयास है। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने इस प्रस्ताव की पुष्टि करते हुए कहा है कि भारत की योजना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले अन्य प्रस्तावों में सबसे व्यापक है। भारत के तीन सूत्रीय प्रस्ताव का पहला बिंदु यह है कि दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा संयंत्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर हमले बंद करें। दूसरा बिंदु काला सागर के माध्यम से अनाज, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के वाणिज्यिक परिवहन को निर्बाध रूप से सुनिश्चित करना है। तीसरा बिंदु काला सागर से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों को रोकना है। भारत ने ऊर्जा सुरक्षा, अनाज आपूर्ति और शिपिंग सुरक्षा को एक व्यापक पैकेज के रूप में पेश किया है। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा है कि कीव युद्धविराम के विभिन्न मॉडलों पर विचार करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल जमीनी लड़ाई को रोकना पर्याप्त नहीं होगा।
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युद्ध रोकने को भारत का नया कदम: तीन सूत्रीय प्रस्ताव
8 अक्टूबर 2026 को 12:19 am बजे

युद्ध रोकने को भारत का नया कदम: तीन सूत्रीय प्रस्ताव



