भोपाल में वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए लागू किया गया फेसलेस ऑटो अप्रूवल सिस्टम अपने पहले ही महीने में सवालों के घेरे में आ गया है। व्यवस्था लागू होने के करीब एक माह में प्रदेश में करीब 8 हजार वाहनों का ट्रांसफर बिना परिवहन अधिकारी की दस्तावेज जांच के हो चुका है। अब विभाग इन ऑटो अप्रूव हुए मामलों की जांच कर रहा है तो करीब आधे मामलों में दस्तावेज अधूरे या गलत पाए जा रहे हैं। सबसे गंभीर स्थिति फॉर्म 29 और 30 को लेकर सामने आई है, जो वाहन की खरीदी-बिक्री के लिए विक्रेता और खरीदार के बीच जरूरी होते हैं। कई मामलों में इनके स्थान पर खाली कागज अपलोड कर दिए गए, लेकिन सिस्टम ने दस्तावेज की सामग्री की जांच किए बिना आवेदन को ऑटो अप्रूव कर दिया। यही नहीं, जिन वाहनों पर टैक्स और पेनल्टी बकाया थी या जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज थी, उनका भी ऑटो अप्रूवल के जरिए ट्रांसफर होने के मामले सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, ऑटो अप्रूवल लागू होने से पहले मैन्युअल जांच के दौरान इन बकाया राशियों की वसूली की जाती थी। परिवहन अधिकारियों ने शासन के सामने ऑटो अप्रूवल के कारण राजस्व पर पड़ने वाले असर का मुद्दा भी उठाया है। 1 जनवरी से 9 सितंबर के बीच ही इस प्रक्रिया से शासन को 24 करोड़ से ज्यादा का अतिरिक्त राजस्व वसूलने में मदद मिली थी, जो अब ऑटो अप्रूवल में नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग ऑटो अप्रूवल के खिलाफ नहीं है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में जरूरी वैधानिक और तकनीकी जांच खत्म हो गई है। इस दौरान अधिकारी दस्तावेजों की जांच करें।
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सिस्टम ने किए 8 हजार वाहन ट्रांसफर
8 अक्टूबर 2026 को 12:19 am बजे



