इस प्रस्ताव पर जनता को अपनी राय देने के लिए 60 दिन का समय दिया गया है
अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद काम करने के इच्छुक विदेशी छात्रों के लिए एक नया प्रस्ताव आया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने एक नियम का प्रस्ताव दिया है जिसके तहत शिक्षण संस्थानों को ऐसे छात्रों के पहली बार ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) में शामिल होने पर 70 हजार डॉलर का शुल्क देना होगा। इसके बाद हर बार ओपीटी के नवीनीकरण के लिए स्कूल को 30 हजार डॉलर का शुल्क देना होगा। डीएचएस ने इसे वीजा कार्यक्रम में सामने आई धोखाधड़ी और दुरुपयोग के जवाब में प्रस्तावित किया है, जिसे विभाग ने 'सस्ते विदेशी श्रम की आपूर्ति का रास्ता' बताया है। एनएएफएसए और रिसर्च फर्म जेबी इंटरनेशनल के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका के संस्थानों में दाखिला लेने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में कमी आई है। 2025-26 के शैक्षणिक वर्ष में यह संख्या अनुमानित 11.69 लाख थी, जो इस साल घटकर 10.57 लाख रह गई है। कॉमन एप की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने 2025-26 की शरद ऋतु में स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं में 41.77 अरब डॉलर का योगदान दिया था, जबकि 2026-27 में यह योगदान 38.37 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। डीएचएस के एक प्रवक्ता ने कहा कि ओपीटी कार्यक्रम कभी भी अमेरिकी कार्यबल में पीछे के रास्ते से प्रवेश देने के लिए नहीं बनाया गया था। उन्होंने कहा कि यह सस्ते श्रम के लिए मदद या व्यवस्था का गलत फायदा उठाने वालों के लिए इनाम भी नहीं था। प्रवक्ता ने बताया कि डीएचएस ओपीटी में बदलाव कर रहा है, जिसके तहत अब विदेशी छात्रों को नियोक्ताओं के सामने अपनी उपयोगिता साबित करनी होगी। इस प्रस्ताव पर जनता को अपनी राय देने के लिए 60 दिन का समय दिया गया है।




