कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग पर राज्य स्तर पर अलग से जांच की संभावना से इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव आयोग की जांच और निष्कर्ष का इंतजार करेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। मैसूरु में पत्रकारों से बातचीत में शिवकुमार ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग से जुड़ी सभी शिकायतों की जांच चुनाव आयोग को करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं की जानकारी के बिना उनके नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए प्री-प्रिंटेड फॉर्म का इस्तेमाल किए जाने के रिकॉर्ड उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे ऐसे फॉर्म की संख्या 25 हजार हो या 50 लाख, शिकायतों की जांच कानून के अनुसार की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाया जा सकता है कि फॉर्म-7 का इस्तेमाल किस तरह किया गया। शिवकुमार ने कहा कि यदि उन्होंने कोई गलती की है तो उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है और कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी लोगों को कानून का सम्मान करना चाहिए। इसके बाद उपलब्ध तथ्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
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मतदाताओं के नाम हटाने के फॉर्म-7 के दुरुपयोग पर जांच के संकेत
6 अक्टूबर 2026 को 12:32 am बजे



