मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने घोषणा की है कि वे कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक जांच का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक वे वहां से नहीं हटेंगे। यह घोषणा उस वक्त आई है जब कर्नाटक में फॉर्म-7 के दुरुपयोग को लेकर तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। शिवकुमार ने इस मामले में चुनाव आयोग से तत्काल जांच की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए किया जाता है। आरोप है कि कुछ लोगों ने इसका बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से मतदाताओं के नाम जोड़े या हटाए हैं। इस कथित अनियमितता के कारण चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई करने पर जोर दिया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे किसी भी जांच से नहीं डरते। पार्टी का कहना है कि वे पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से चुनाव लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। दोनों प्रमुख दल इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं, जिससे राजनीतिक पारा चढ़ गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने के शिवकुमार के कदम को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक चाल के तौर पर देखा जा रहा है।
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फॉर्म-7 दुरुपयोग: शिवकुमार करेंगे सीईओ से शिकायत
4 अक्टूबर 2026 को 12:00 am बजे

फॉर्म-7 दुरुपयोग: शिवकुमार करेंगे सीईओ से शिकायत



