मध्य प्रदेश सरकार चालू वित्तीय वर्ष में अपनी तय कर्ज सीमा के भीतर करीब 49,600 हजार करोड़ रुपये तक और कर्ज ले सकती है। सरकार के मुताबिक, आरबीआई के माध्यम से लिया जाने वाला यह कर्ज नियमित राजस्व खर्चों या सामाजिक योजनाओं के लिए नहीं, बल्कि सड़क, एक्सप्रेस-वे, सिंचाई, बांध, नहर, बिजली, मेडिकल कॉलेज और अन्य बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष में सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक पूंजीगत कार्यों पर खर्च करने का लक्ष्य रखा है। इसमें हजारों करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं के साथ केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी नदी जोड़ो परियोजनाओं से जुड़े बांध और नहर निर्माण भी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि वेतन, पेंशन और लाड़ली बहना जैसी योजनाओं के लिए अलग से कर्ज नहीं लिया जा रहा है, बल्कि इनकी व्यवस्था राज्य के अपने राजस्व संसाधनों और बजट प्रावधानों से की जा रही है। सरकार ने कर्ज को लेकर उठ रहे सवालों के बीच स्पष्ट किया है कि भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से लिया जाने वाला कर्ज निर्धारित वित्तीय सीमा के अंदर है।
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सरकार 49,600 करोड़ तक और कर्ज ले सकती है, विकास पर होगा खर्च
6 अक्टूबर 2026 को 12:32 am बजे



