अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने घोषणा की है कि 2009 में फोर्ट हूड सैन्य अड्डे पर 13 लोगों की नृशंस हत्या के दोषी मेजर निदाल हसन को 3 दिसंबर को फायरिंग स्क्वॉड द्वारा मौत की सजा दी जाएगी। यह सजा आधुनिक अमेरिकी इतिहास में पहली बार लाइव प्रसारित की जाएगी, जो एक अभूतपूर्व कदम है। यह घोषणा उस समय आई है जब अमेरिका में मौत की सजा को लेकर बहस तेज हो गई है, खासकर सार्वजनिक रूप से इसे प्रसारित करने के प्रस्ताव पर। मेजर निदाल हसन को देशद्रोही और आतंकवादी के रूप में देखा जा रहा है, जिसने 2009 में फोर्ट हूड सैन्य बेस पर अपनी व्यक्तिगत हैंडगन से 13 लोगों की जान ले ली थी। इस हमले में 12 सैनिक भी शामिल थे और 32 अन्य घायल हो गए थे। यह घटना अमेरिकी सैन्य इतिहास के सबसे घातक गोलीबारी हमलों में से एक थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। फायरिंग स्क्वॉड द्वारा मौत की सजा देने की प्रक्रिया में, कैदी को एक कुर्सी पर चमड़े की पट्टियों से कसकर बांधा जाता है। इसके बाद, कैदी के सिर पर एक काला हुड पहनाया जाता है। एक स्टेथोस्कोप की मदद से कैदी के दिल की सही जगह का पता लगाता है और उस पर गोल सफेद कपड़े का एक निशाना लगाता है। लगभग 20 फीट की दूरी पर एक घेरे में खड़े पांच निशानेबाजों के पास 30 कैलिबर की राइफलें होती हैं, जिनमें से प्रत्येक में एक-एक गोली भरी होती है। इन निशानेबाजों में से एक को खाली कारतूस (ब्लैंक राउंड) दिए जाते हैं, ताकि स्क्वॉड का हर सदस्य यह मान सके कि कैदी की जान लेने वाली गोली शायद उसने न चलाई हो। 1976 के बाद से अब तक अमेरिका में केवल 6 लोगों को इस तरीके से मौत की सजा दी गई है, जो इसकी दुर्लभता को दर्शाता है।
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मेजर हसन को 3 दिसंबर को लाइव फायरिंग स्क्वॉड से सजा
9 अक्टूबर 2026 को 10:50 pm बजे

मेजर हसन को 3 दिसंबर को लाइव फायरिंग स्क्वॉड से सजा



