कुमारस्वामी ने जारी किए नइस टोल उगाही के चौंकाने वाले आंकड़े
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बेंगलुरु में नइस (एनआईसीई) सड़क परियोजना में कथित बड़े घोटाले का खुलासा किया है। कुमारस्वामी ने कहा कि यह मामला सिर्फ़ उगाही का नहीं, बल्कि ज़मीन के अधिग्रहण और उसके आवंटन में भी भारी अनियमितता बरती गई है। उन्होंने दावा किया कि मूल समझौते में 2193 एकड़ ज़मीन का प्रावधान था, लेकिन इसे बढ़ाकर 2742 एकड़ कर दिया गया। इस मामले में राज्य सरकार की मिलीभगत का भी अप्रत्यक्ष रूप से संकेत मिला है, जिस पर मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए। कुमारस्वामी ने बताया कि 2000 में हुए मूल समझौते के तहत धारा 3 के अनुसार, नइस टोल कलेक्शन का काम फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के तहत होना था। उन्होंने कहा कि इस बदलाव को कैबिनेट के सामने नहीं लाया गया, जो एक गंभीर चूक है। नइस संस्था ने खुद 2015 में अदालत के सामने स्वीकार किया था कि कुछ गलत हुआ है। इस तरह के बदलावों को बीएमआईसीपीए ने ओडीपी के माध्यम से स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि नइस परियोजना के लिए कुल 1,585 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट था, जिसमें से 5,500 करोड़ रुपये की वसूली अब तक हो चुकी है। वहीं, ज़मीन की बिक्री से 384 करोड़ रुपये और ज्वाइंट एग्रीमेंट से 108 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। कुमारस्वामी ने इस पूरे मामले को धोखाधड़ी करार दिया और पूछा कि इस धोखाधड़ी को किसने अंजाम दिया। कुमारस्वामी ने कहा कि 2193 एकड़ फेरीफेरल सड़क के लिए मूल समझौता हुआ था। इसके अलावा, 7555 एकड़ कराब भूमि सहित कुल 20 हजार एकड़ ज़मीन मांगी गई थी। एक अन्य समझौते में 163 किलोमीटर सड़क के लिए 6999 एकड़ ज़मीन का प्रस्ताव था। 2023 में, जयचंद्र ने यह भी कहा था कि नइस सड़क की आवश्यकता नहीं है।





