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दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफज़ेड 1073 को तब भयानक संकट का सामना करना पड़ा जब सह-पायलट ने कैप्टन समित मछ्छर पर जानलेवा हमला कर दिया। कैप्टन मछ्छर ने इस हमले के बावजूद अपनी सूझबूझ और बहादुरी से विमान को सऊदी अब्दुल अज़ीज़ हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया, जिससे विमान में सवार 174 लोगों की जान बच गई। इस घटना ने विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर जब हमलावर सह-पायलट ने जहाज के ऑटोमेटेड सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और विमान 34,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे गिरने लगा। यह चौंकाने वाली घटना उस समय हुई जब विमान हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। कैप्टन समित मछ्छर, जो मूल रूप से मुंबई के रहने वाले हैं, गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका शरीर खून से लथपथ हो गया। इसके बावजूद, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और हमलावर सह-पायलट से संघर्ष करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए इमरजेंसी रिलीज बटन दबाने में सफल रहे। उनके इस साहसिक प्रयास से केबिन क्रू और कुछ यात्रियों को कॉकपिट में प्रवेश करने और हमलावर को काबू करने का मौका मिला, जिससे एक बड़ी हवाई त्रासदी टल गई। कैप्टन समित मछ्छर का यह कारनामा केवल उनकी व्यक्तिगत बहादुरी का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प और सूझबूझ से कैसे बड़ी से बड़ी मुसीबत का सामना किया जा सकता है। उन्होंने टेक्स्टाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और वेलिंगकर इंस्टीट्यूट से डिग्री हासिल की थी, लेकिन लगभग 19 साल की उम्र में उनका रुझान एविएशन की ओर बढ़ा।
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