बीदर जिले में ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत इस साल 13 लाख मानव दिवस सृजित किए गए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 150% अधिक है। यह वृद्धि राज्य में सूखे की स्थिति के कारण हुई है, जिसके चलते ग्रामीण मजदूर रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर थे। ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री ईश्वर खंडरे ने बताया कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण संपत्ति का निर्माण संभव हो रहा है। सरकार ने सूखे की स्थिति का सामना करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। बीदर जिले के लिए पीने के पानी की आपूर्ति हेतु 10 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि आने वाली गर्मियों में पानी की संभावित समस्या से निपटने के लिए अभी से उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई लोगों के जॉब कार्ड निष्क्रिय थे, इसलिए पात्र लाभार्थियों को रोजगार प्रदान करने के लिए जॉब कार्ड मेले आयोजित करने का निर्देश दिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप बीदर जिले में ही 26 हजार परिवारों ने नए जॉब कार्ड बनवाए हैं। इस योजना के तहत, व्यक्तिगत बोरवेलों को रिचार्ज करने की भी अनुमति है ताकि भूजल स्तर को बढ़ाया जा सके, जो देशभर में लगातार घट रहा है। इसके अतिरिक्त, मवेशियों के बाड़े, भेड़-बकरी के शेड, चेक डैम, स्कूल के कमरे और आंगनवाड़ी के निर्माण की भी अनुमति है। यह योजना ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत, एक परिवार को एक वर्ष में 125 दिनों का रोजगार प्रदान किया जाता है।
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बीदर में 150% बढ़ा मनरेगा रोजगार
6 अक्टूबर 2026 को 12:32 am बजे



