रामरतन कुशवाह करैरा के एक सामान्य परिवार से थे, जो परिवार के भरण-पोषण के लिए बेहतर अवसर की तलाश में थे। उनके पास तकनीकी ज्ञान और काम करने का जुनून तो था, पर अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए पूंजी की कमी हमेशा एक बड़ी बाधा बनी रही। सीमित संसाधनों के कारण वे अपनी वर्कशॉप स्थापित नहीं कर पा रहे थे, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में भी खास सुधार नहीं हो पा रहा था। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) की जानकारी मिलने पर रामरतन की किस्मत बदली। उन्होंने इस योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए आवेदन किया। इस ऋण पर उन्हें 2.5 लाख रुपये की सब्सिडी का लाभ भी मिला।
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10 लाख के ऋण से रामरतन ने शुरू किया व्यवसाय, हुए सफल
5 अक्टूबर 2026 को 1:15 am बजे



