पश्चिमी घाट और नदी घाटियों के संरक्षण के लिए 'बेड़ती- अगनाशिनी कोला संरक्षण समिति' इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही है। समिति ने सरकार द्वारा नदियों में अतिरिक्त पानी होने का आकलन अवैज्ञानिक बताया है, जबकि इन नदियों में जुलाई से सितंबर तक ही पर्याप्त पानी रहता है और बाकी नौ महीनों में प्रवाह बहुत कम हो जाता है। इस परियोजना से काजू, चारागाह और कृषि भूमि के नष्ट होने के साथ-साथ पश्चिमी घाट में भूस्खलन का खतरा बढ़ने की आशंका जताई गई है। समिति ने चेतावनी दी है कि नदी के प्रवाह में कमी से तटीय इलाकों में खारे पानी का प्रवेश बढ़ जाएगा, जिससे मछली पालन और कृषि पूरी तरह चौपट हो जाएगी। यह विरोध प्रदर्शन इन गंभीर पर्यावरणीय और आर्थिक चिंताओं को उजागर करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस बड़े आंदोलन को कई प्रमुख हस्तियों का समर्थन प्राप्त है।
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नदी मोड़ने के विरोध में 10 को बेंगलुरु में प्रदर्शन
5 अक्टूबर 2026 को 1:15 am बजे

नदी मोड़ने के विरोध में 10 को बेंगलुरु में प्रदर्शन



